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Sunday, 6 November 2011

चाहत सिर्फ चाहत होती है। ज़रूरी नहीं कि आप जिसे चाहें वो आपको भी चाहे,उतना ही चाहे जितना आप चाहते हैं। चाहत अनमोल है पर कुछ लोग बेदर्दी से इस चाहत का कत्ल कर देते हैं। 

1 comment:

  1. ekdam sahi baat kahi hai apne
    bahut hi acche vichar hai

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