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Wednesday, 14 December 2011

कभी नहीं सोचा था कि इस मोड़ पर आकर तुम यूं अचानक मिलोगे और इससे पहले कि यह अनदेखा ख्वाब वास्तविकता की ज़मीन पर उतरे तुम्हारा अचानक कहीं गुम हो जाना नाकाबिले बर्दाश्त हो रहा रहा है।

(काल्पनिक )

1 comment:

  1. kabhi kabhi aisa bhi hota hai..
    par har mod par fir koi mil jata hai..
    bas pahal karane ki der hai...

    ReplyDelete

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