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Tuesday, 24 January 2012

ढाई फुट की दूरी

पापा के बहुत कहने पर आज कंप्यूटर के मॉनिटर को खुद से 2.5 फुट दूर किया है। नज़र  कितनी अजीब होती है न ....जब कोई नज़र के बिलकुल पास हो तो कितना अपना सा लगता है और नज़र से दूर होते ही.....? वैसे अभी हम सिर्फ 2.5 फुट दूर हुए हैं और मेरा की बोर्ड हम दोनों के दिलों को जोड़े हुए है। लेकिन लग रहा है जैसे कोई नयी चीज़ सामने हो। वैसे ये दूरी रोहों और चश्मे के बढ़े हुए नंबर का परिणाम है :( जो भी हो बात तो माननी ही थी उद्दंडता की भी एक हद ही होती है। आखिर नज़र की नज़र लग ही गयी और मेरा प्यारा मॉनिटर 2.5 फुट दूर हो गया।
अब करीब न आना मेरी नज़रों के ए दोस्त 
दूर से देखता हूँ तो खूबसूरत लगता है तू । 


9 comments:

  1. यशवंत जी ठीक किया या आंख और सेहत दोनो के लिये अच्छा होता है...

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  2. samajh sakta hun mein
    meri aankho par chadha ye ainak
    mujhe tumhari manosthithi bata raha hain
    aur maine in sabse bachne ke liye laptop le lia hain ..ab dur pass sab barabar hain

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  3. आपके इस उत्‍कृष्‍ठ लेखन का आभार ...

    ।। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं ।।

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  4. मजबूरी जो न करा दे ...

    आँखों का ख्याल रखना भी तो ज़रूरी है

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  5. bahut sahi kaha aap ne.....jal neti kiya kijiye aakhen theek rhegi :)

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  6. :) chaliye dekhein ham seekh lete hain ya nahi aapse...

    shubhkamnayen

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