इस ब्लॉग पर पोस्ट की गयी तस्वीरों (Photographs) पर क्लिक कर के आप उन्हें और स्पष्ट देख सकते हैं।

Monday, 12 March 2012

अपनेपन को क्या शब्द दूँ ?

होली के 15 दिन पहले से तबीयत खराब होने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रुक रुक कर अभी जारी है। हांलांकी पहले से काफी सुधार है फिर भी औरों की तरह सूती कपड़े पहन कर मैं गर्मी नहीं मना पा रहा हूँ। :( बिना बाहों का एक स्वेटर और ऊपर से जेकेट ,पैरों मे मोजे ....मुझे गर्मी का एहसास तक नहीं हो रहा है।
वैसे इस तबीयत के खराब होने कई कारण हैं शरीर का पतला पापड़ होना (सींकिया कहना ज़्यादा सही होगा शायद ),रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना,जन्म से ही लिवर प्रोब्लम्स का होना ,छोटी छोटी बातों से तनाव मे आ जाना वगैरह वगैरह खैर कुछ दवाएं तो हमेशा चलते रहनी हैं और कुछ दवाएं कुछ समय बाद बंद हो जानी हैं ।
इधर इस दौरान विभा आंटी , डॉ सुनीता जी ,एवं  अंजू मैम मुझे लगातार मेरे साथ होने का एहसास दिलाती रहीं ,हर दिन उनका एक मेसेज ज़रूर मिल रहा है तबीयत कैसी है ,इस अपनेपन को कोई नाम नहीं दिया जा सकता। ब्लॉग और फेसबुक पर और  भी कई  मित्र मेरे हालचाल लेते रहे हैं  मैं बस यही सोच रहा हूँ कि किस तरह से सबको धन्यवाद कहूँ ? और इस अपनेपन को क्या शब्द  दूँ ?

हाँ एक बात और आज मैंने एक नशेड़ी की तरह इण्स्ट्रूमेंटल सोंग्स सुने हैं और अपने एक और ब्लॉग (http://yashwantrajbalimathur.blogspot.in/) पर वो गाने डाले भी हैं ।आप भी सुनना  चाहें तो देखिएगा ।  फेसबुक मित्र मेरी वॉल को देख लें :)

4 comments:

  1. कुछ भावनाओं को शब्द नहीं दिये जा सकते...शब्दों में समाएगी भी कहाँ....

    आशा है जल्द ठीक होकर कुछ हल्का फुल्का लिखोगे...
    cheer up and feel happy..........
    :-)

    ReplyDelete
  2. आपको शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हो प्रभु से प्रार्थना है! बदलते मौसम में अधिक एहतियात बरतने की ज़रूरत है।
    Take care and God bless you Yashwant ji.

    ReplyDelete

कृपया किसी प्रकार का विज्ञापन कमेन्ट मे न दें।
कमेन्ट मोडरेशन सक्षम है। अतः आपकी टिप्पणी यहाँ दिखने मे थोड़ा समय लग सकता है।

Please do not advertise in comment box.
Comment Moderation is active.so it may take some time for appearing your comment here.