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Tuesday, 15 October 2013

सपने...स्कूल के दिन और यादें

कुछ यादें ऐसी होती हैं जो हमारे स्मृति पटल पर कहीं हमेशा के लिए अंकित हो जाती हैं और रह रह कर हमें अपने आवरण से ढक लेती हैं।  इस आवरण के भीतर कभी कभी कभी हम ऐसे खोते हैं कि उससे बाहर आने का मन ही नहीं करता। मेरे स्कूली दिनों की यादें भी ऐसी ही हैं। लगता है जैसे कल ही स्कूल छोड़ा हो। वैसे भी जीवन मे कुल 3 ही स्कूल देखे मैंने। और लोगों की तरह पापा ने हर साल-दो साल पर मेरा स्कूल नहीं बदला। श्री एम एम  शैरी स्कूल कमला नगर आगरा,श्री राधा बल्लभ इंटर कॉलेज दयाल बाग आगरा,और राजा बलवंत सिंह महा विद्यालय बस यही 3 स्कू, रहे मेरे। इसमे भी सबसे ज़्यादा समय एम एम शैरी स्कूल मे बीता। नर्सरी से कक्षा 10 तक की पढ़ाई वहीं की। तो याद वहीं की सबसे ज़्यादा आती है। और आज कल तो हद हो गयी है, रोज़ सपने में किसी क्लास मे खुद को पाता हूँ। नींद के आगोश मे खोना यानि स्कूल के दिन का शुरू होना। आँख बंद करते ही अपने स्कूल के मैदान मे प्रार्थना करना...हम को मन की शक्ति देना ,फिर जन गण मन,उसके बाद पीटी और फिर क्लास मे जाना। क्लास मे अपनी बेंच पर बैठना, साथियों से लड़ना,मैडम की डांट  खाना ,क्लास रूम रीडिंग मे हिन्दी और संस्कृत के पाठ को तेज़ी से शुद्धता के साथ पढ़ना और तारीफ पाना,अङ्ग्रेज़ी और गणित की क्लास मे घबराया हुआ रहना (क्या दिन थे वो भी) ,इंटरवल और फिर जब स्कूल की छुट्टी कि घंटी बजती है तो क्लास से बाहर भागते ही नींद टूट जाती है,सपनों के बाहर दिन निकल चुका होता है और सुबह के 6-7 बज रहे होते हैं। सपने के इस स्कूल की  खास बात यह है कि होम वर्क नहीं मिलता। ऐसे सपने देख कर बिस्तर से उठने का मन नहीं करता। जी करता है स्कूल की वह ड्रेस फिर से पहन लूँ और पहुँच जाऊँ अपने बचपन की किसी क्लास में। शायद इसीलिए हर सुबह घर के सामने से गुजरते स्कूली बच्चों को देख कर मेरा मन भी उन्हीं का हाथ थाम कर पूछने को होता है मुझ से दोस्ती करोगे ?

4 comments:

  1. बहुत मीठी होती हैं वो बचपन की यादें... पर काश के ऐसा संभव हो पाता.. कि वापस जी पाते अपना बचपन !

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  2. मैं तो आपसे से भी कम स्कूल बदले …. एक ही स्कूल में १० वीं तक पढ़ाई की …. पापा का बदली दुसरे शहर में हो गया तो वहाँ से ११ वीं की परीक्षा दी …. यादे तो बहुत है ....
    मेरा मन भी उन्हीं का हाथ थाम कर पूछने को होता है मुझ से दोस्ती करोगे ?

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  3. mere papa ki badli hoti rahi hai so kai school badle hain, sabki ek alag pehchan, alag yaad.
    sapne school ke, exam ke to mujhe bhi aksar aate hain

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